शायरी और ग़ज़ल का रिश्ता हमेशा से दिल के करीब रहा है। जब शब्द दिल की भावनाओं को व्यक्त करने में असमर्थ हो जाते हैं, तब एक छोटी सी ग़ज़ल कमाल कर जाती है। आज मैं, बबलेश कुमार, आपके लिए एक बेहद रुमानी और जज्बातों से भरी ग़ज़ल लेकर आया हूँ, जिसमें आँखों की बात और दिल के जज्बातों को पिरोया गया है। मुझे उम्मीद है कि ये पंक्तियाँ आपके दिल को ज़रूर छूएँगी। Hindi Ghazal,
तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया
मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया
ख्यालों में आ के सताया मुझे उसने
मैं हकीकत में आज बेकरार हो गया।
तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया
मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया
Romantic Shayari,
तलब तेरी एक अरसे से थी मुझे
ओर बड़ गई बेताबी,जो तेरा दीदार हो गया।
तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया
मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया
तबीयत जो कलतक तो
अच्छी थी मेरी,
हाल पूछा जो उसने आज
मैं बीमार हो गया।
बाग़-ए-वीरान था मैं जाने कबसे,
छुआ जो उसने आज
मैं गुल-ए-गुलजार हो गया
तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया
मैं सलामत ना रहा,शिकार हो गया।
धड़कनें बढ़ी हैं कुछ इस कदर दिल की,
उसकी हर एक अदा का, आशिक़-ए-ज़ार हो गया।
पलकों को उठाना और फिर झुका देना,
उनके इस अंदाज़ पर, दिल बेक़रार हो गया।
कहना था जो दिल में, कह दिया आख़िर,
मेरे हर एक लफ़्ज़ का, गहरा इक़रार हो गया।
मैं सलामत ना रहा,शिकार हो गया।
गजल की रुमानी दुनिया
ग़ज़ल एक ऐसा आईना है जिसमें हम अपनी अधूरी ख्वाइशों और जज्बातों को देख सकते हैं। यह रुमानी ग़ज़ल उस पल को बयाँ करती है जब किसी की एक नज़र ही काफी होती है, सब कुछ बदल देने के लिए। उदयपुर की इन खूबसूरत वादियों ने मुझे हमेशा से कुछ नया लिखने की प्रेरणा दी है, और यह ग़ज़ल उसी प्रेरणा का परिणाम है।
मुझे नीचे कमेंट्स में ज़रूर बताएं। आपकी एक छोटी सी राय मेरे लिए बहुत मायने रखती है और मुझे और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करती है।

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Nice बबलेश भाई
जवाब देंहटाएंThanks
जवाब देंहटाएंWah kya baat hai 👌💯
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