संदेश

Featured Post

हास्य : बफर की दावत

 बफर की दावत आप माने या न माने, हमारे लिए सबसे बड़ी आफत, बफर की दावत !! एक बार हमको भी जाना पड़ा बारात में, बीवी बच्चे भी थे साथ में, सभी के सभी बाहर से शो-पीस, अन्दर से रूखे थे, मगर क्या करें भाई साहब, सुबह से भूखे थे!! जैसे ही खाने का संदेशा आया हॉल में, भगदड़ सी मच गयी पांडाल में, सभी एक के ऊपर एक बरसने लगे, जिसने झपट लिया सो झपट लिया, बाकी खड़े-खड़े तरसने लगे!! १) एक आदमी हाथ में प्लेट लिए, इधर से उधर चक्कर लगा रहा था, खाना लेना तो दूर उसे देख भी नहीं पा रहा था!! २) दूसरा अपनी प्लेट में चावल की तश्तरी झाड लाया था, मगर उस भी ज्यादा तो अपना कुर्ता फाड़ लाया था!! ३) तीसरी एक महिला थी, जो ताड़ के  वृक्ष के  समान तनी थी , उसकी आधी साड़ी पनीर की सब्जी में सनी थी, उसे धो रही थी, पड़ोसन की पहन के आई थी इसीलिए रो रही थी!! ४) चौथा बेचारा गरीब था, लाचार था, इसलिए कपडे उतार कर पहले से ही तैयार था!! ५) पांचवा एक पहलवान था, अकेले ही सारे झटके झेल रहा था, भीड़ में घुसने से पहले, दण्ड पेल रहा था!! ६) छटा इन हरकतों से बेहद परेशान था, इसलिए उसका बीवी बच्चों से ज्यादा, प्लेट पे ध्यान था!! ७) सा...

Motivational shayari

 जिंदगी जीना आसान नहीं होता बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता। जब तक ना पड़े चोट हथौड़ी की पत्थर पर, तब तक पत्थर भी भगवान नही होता।। बेहतर से बेहतर कि तलाश करो, मिल जाए नदी तो समंदर कि तलाश करो, टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से, टूट जाए पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।।

मूर्ति पूजा विरोधी राजा। कहानी। Hindi story

चित्र
👉  प्रेरणादायक प्रसंग मूर्ति पूजा विरोधी राजा : कहानी 🙏एक बार अवश्य पढ़िए🙏 एक राजा था,वह मूर्तिपूजा का घोर विरोधी था। एक दिन एक व्यक्ति उसके राज दरबार में आया और राजा को ललकारा - हे राजन! तुम मूर्ति पूजा का विरोध क्यों करते हो? Hindi story  राजा बोला – आप मूर्ति पूजा को सही साबित करके दिखाओ मैं अवश्य स्वीकार कर लूँगा। व्यक्ति बोला - राजन यदि आप मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते हैं तो दीर्घा में जो आपके स्वर्गवासी पिताजी की मूर्ति लगी है उस पर थूक कर दिखाएं और यदि थूक नहीं सकते तो आज से ही मूर्तिपूजा करना शुरू करें। यह सुनकर पूरी राजसभा में सन्नाटा छा गया।  थोड़ी देर बाद राजा बोला – ठीक है। आप 7 दिन बाद आना तब मैं आपको अपना उत्तर दूंगा। उस समय तो वह व्यक्ति चला गया।  लेकिन चौथे ही दिन वह व्यक्ति दौड़ा भागा गिरता पड़ता राजसभा में आ पहुँचा और जोर जोर से रोने लगा - त्राहिमाम राजन त्राहिमाम। राजा बोला - क्या हुआ ? व्यक्ति बोला - राजन राजसैनिक मेरे माता पिता को बंदी बनाकर ले गए हैं और दो मूर्तियां मेरे घर में रख गए हैं। राजा की कहानी राजा बोला - हां मैंने ही आपके माता-...

New Hindi Kavita । देश में मेरे..। New Poem

चित्र
देश में मेरे.. New Hindi Kavita  देश में दिन ब दिन बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं और लचर कानून व्यवस्था व हमारी ढीली न्याय प्रणाली का चित्र प्रस्तुत करती यह कविता एक बार जरूर पढ़ें। देश में मेरे यह  क्या हो रहा है।गली,मोहल्ला,नुक्कड़,चौराह हर जगह कोई जालिम  उसे घूर रहा है। बेटी बेखौफ दो कदम चल नहीं सकती, और लोग कहते है देश में विकास हो रहा है। मरे मूल्य,मरी नैतिकता मानवता का सत्यानाश हो रहा है। यह विकास नहीं, विनाश हो रहा है। New Hindi Poem सदमे में है कहीं परिवार पूरा देश रो रहा है। बलात्कार कल नहीं,आज नहीं, हर रोज़ हो रहा है। बेटी बेखौफ दो कदम चल नहीं सकती, और लोग कहते है देश में विकास हो रहा है। क्या बेटियां ऐसे ही डर डर के जिएगी कितनी शहजादियां और कफ़न में लिपटेगी। क्या अब भी सिसकियां सुनाई नहीं देती  बहरी सरकारों को, आखिर कब तक दोष दे हम टीवी और अखबारों को। मुजरिम,गवाह,सबूत सब मिल गए, किसका इंतजार है? फ़ैसला कब सुनाओगे? अपीलें ही सुनते रहोगे या फांसी पे भी लटकाओगे। केन्डल मार्च निकालो या भारत बंद करो घटनाएं ऐसे रुक नहीं सकती जब तक बलात...

New Hindi Kavita । मन मदारी । New Poem

चित्र
Hello दोस्तो, आज हम आपके लिए मन पर एक शानदार नई कविता लेकर आए हैं। उम्मीद है आपको जरूर पसंद आएगी। पूरी पढ़े  पढ़े हमारे ब्लॉग पर रोज नई नई कविता,शायरी,गीत,गजल मन मदारी, मन सारथी Hindi Kavita । मन मदारी । New Poem मन मदारी,मन सारथी। मन गाली,मन ही आरती। मन से मोह,मन से माया। मन दर्पण,मन मनुज का साया। करता कर्म शुभ अशुभ सारे, फिर भी इसके रंग रूप ना काया। रंक हुए,राजा हुए सब मन अधीन हुए। ना ना नाच नचाए मन ने सबको भरमाया। मन से मौका,मन से धोखा। चाहे जा जावे,मन को किसने रोका। Man - New Hindi Kavita एक पल में अतीत का देखे सपना। एक पल में करे नूतन कोरी कल्पना। मन से वासना,मन से साधना। मन करे परमार्थ,मन ही अशुभ की कामना। New Hindi Poem मन से दुआ,वंदना, प्रार्थना और पूजा। मन से बड़ा सखा शत्रु नहीं कोई दूजा। मन मदारी,मन सारथी। मन गाली,मन ही आरती। मन से मोह,मन से माया। मन दर्पण,मन मनुज का साया। करता कर्म शुभ अशुभ सारे, फिर भी इसके रंग रूप ना काया मन मदारी मन सारथी मन ही गाली, मन ही आरती यह भी पढ़े: Motivaition यह भी पढ़े: प्रेम धरा नई  कविता यह भी पढ़े: देश का किस...

गजल - गैरों से मिलो मगर...। New Hindi Shayari

चित्र
Hello दोस्तो क्या आपको गजल पढ़ना पसंद है। तो चलिए आज हम आपके लिए एक नई गजल लेकर आए हैं। New Gajal   गैरों से बेशक मिलो मगर,फासला बनाकर लूट लेते हैं लोग यहां अपना बनाकर। हाल ए दिल क्या बताए अब उन्हें वो हाल पूछते है हमें मरीज ए इश्क बनाकर। माफ़ी मांग भी लिया करो माफ भी कर दिया करो। खुश रह ना पाओगे  गिले शिकवे दिल में दबाकर। New Hindi Shayari New Hindi Gajal बुरी सोहबातो में  गुजार दिए कई दिन कीमत अब समझ आई वक्त की वक्त गवाकर। काम जो भी करो सोच समझ के करना जो किया वहीं देगी जिंदगी  आइना दिखाकर। मां बाप के पैसे से  ख़्वाहिशें पूरी करने वालों उनकी जरूरतें ही पूरी कर देना  खुद कमाकर। यह भी पढ़े: कोरोना शायरी यह भी पढ़े: तेरी नज़र का तीर गजल यह भी पढ़े: इंडिया इंग्लैंड हो रहा है कविता

सितम सियासत का। New Hindi Kavita । Politics Poem

चित्र
New Gajal Gajal On Politics Hello दोस्तो अगर आपको कविता,गीत ग़ज़ल,शायरी पढ़ने का शौक है तो आप रोज़ इस ब्लॉग पर नई नई कविता,शायरी,गजल आसानी से पढ़ सकते हैं। New Gajal पढ़िए वर्तमान राजनीति पर हमारी ये गजल 👉सितम सियासत का - गजल सितम सियासत का कहर डहा रहा है। सच और झूठ अब हमें अखबार बता रहा है। कल तक जो सुकून में था पूछो तो ज़रा इससे यह शहर खुद जला है या कोई और जला रहा है। जिसे कॉलेज में होना था वो वहां नहीं है अब वो तो किसी के झंडे में डंडा फसा रहा है। New Gajal  नई ग़ज़ल हालात बड़े ख़राब है पर समझदार क्यों चुप हैं। यही बात तो गूंगा बहरे को बता रहा है। बेटी हिफाजत और बेटा रोटी मांग रहा है। बाप है कि राष्ट्रवाद समझा रहा है। उसे कोई परवाह नहीं घर तेरा टूटे या दूकान मेरी जले वो तो मजे से हिंदू मुस्लिम की दूकान चला रहा है सियासत से वास्ता ना रख मुझे और दागदार ना कर यही बात तो कबसे मुल्क मज़हब को समझा रहा है। सितम सियासत का कहर डहा रहा है। सच और झूठ अब हमें अखबार बता रहा है। यह भी पढ़े: कोरॉना गजल यह भी पढ़े: मोहब्बत की महक थी चमन में, गजल यह भी पढ़े :...