दोस्तों, आज का यह दौर 'दिखावे' का है, जहाँ हम दूसरों की सफलता की 'रील्स' देखने में अपना कीमती 'रियल' समय बर्बाद कर रहे हैं। हम बिस्तर पर पड़े-पड़े बड़े ख्वाब तो देखते हैं, पर उन ख्वाबों के लिए अपनी नींद कुर्बान करने से डरते हैं। याद रखना, यह दुनिया सिर्फ नतीजों को सलाम करती है, तुम्हारी कोशिशों या तुम्हारे बहानों को नहीं।
एक अकेली नदी से कभी,समन्दर नही बनता
Hindi Motivation Kavita 2026
यह Motivational poem उन सभी संघर्ष करने वाले साथियों के नाम है जो पढ़ाई और करियर की जंग में खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। आइये, इस Motivational kavita के ज़रिए अपनी अंदरूनी शक्ति को फिर से पहचानते हैं।"
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| तूफानों से लड़ने वाला ही किनारे तक पहुंचता है |
हजारों मिलती हैं एक जगह,
तब यह मंज़र बनता हैं।
एक अकेली नदी से कभी
समन्दर नही बनता।
गिरकर भी हौसला उठने का
रखना दोस्त,
क्योंकि एक हार से कोई फकीर
और एक जीत से कोई
सिकंदर नहीं बनता।
ठोकरें सिखाएंगी तुझे,
संभल कर चलने का हुनर,
क्योंकि गिरे बिना कोई भी,
सच्चा राहगीर नहीं बनता।
तिनका तिनका जुड़ता है,
तब एक आशियां सजता है |
एक ईंट की बुनियाद पर,
पूरा शहर नहीं बनता |
रास्तों की ठोकर से तू
यूं हिम्मत न हारना
कुछ कांटे चुबने से
सफर का अंत नहीं होता |
पसीने की बूंदों से जो
लिखते है अपना मुकद्दर
उनका ख्वाब कभी
महज एक मंजर नहीं बनता
तूफान कितने भी आए
तू अपनी कश्ती जारी रख
बिना लहरों से संघर्ष के
कोई अच्छा नाविक नहीं बनता |
याद रखना रातों को जागकर ही
सुबह का सूरज मिलता है |
बिना तपे सोने का भी ,
कोई जेवर नहीं बनता |
Motivation Hindi Shayari
Study Motivation
पढ़ाई और करियर विशेष शायरी
किताबों के पन्नों में जो,
खुद को खो देता है
वही कल दुनिया के लिए,
एक मिसाल बनता है।
सिर्फ कागजी डिग्री लेने से,
हासिल-ए-मुकाम नहीं होते,
बिना हुनर और मेहनत के,
कोई कामयाब नहीं बनता।
रातों की नींदें खोकर ही,
सपनों में जान आती है|
बिना दिया जलाए कभी,
घर में उजाला नहीं होता।
आज का संघर्ष ही कल की,
ऊँची उड़ान तय करेगा,
जो मुश्किलों से डरा,
वो कभी कामयाब अफसर नहीं बनता।
मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं,
जो ज़िद पर अड़े रहते हैं,
महज़ ख्वाब देखने से,
कभी मुकद्दर नहीं बनता।
वक्त की कीमत, संघर्ष और सफलता
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| mobile और आलस छोड़ो, संघर्ष करो आगे बढ़ो |
घड़ी की सुइयाँ चलती हैं,
पर तू ठहरा रहता है,
आलस की चादर ओढ़कर,
जो सोता है वो खोता है।
ये फोन की रंगीन दुनिया,
बस एक छलावा है दोस्त,
नोटिफिकेशन के जाल में,
वक्त का कत्ल होता है।
रील्स की इस फिसलन पर,
कदम जो तेरे बहकेंगे,
तो याद रखना मंज़िल पर,
कोई और ही पहुँचता है।
सोशल मीडिया की ये लत,
तुझे अपनों से दूर करेगी,
जो स्क्रीन पर खो गया,
वो असल में पीछे रहता है।
आज का कीमती लम्हा,
जो लाइक-कमेंट में गँवाया,
कल वो पछतावे की शक्ल में,
आँखों से आँसू बनकर बहता है।
सफलता की कुर्सी तक,
कोई शॉर्टकट नहीं जाता।
मेहनत की धूप में जो जला,
वही इतिहास लिखता है।
डूब जा आज तू किताबों में,
छोड़ ये झूठा दिखावा,
क्योंकि खाली जेब के साथ,
कोई बड़ा इंसान नहीं बनता हैं।
दोस्तों, सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है। यह हमारे हर दिन के छोटे-छोटे फैसलों का परिणाम है। जब आप रील छोड़कर किताब उठाते हैं, जब आप आलस छोड़कर काम पर लगते हैं, तब आप अपने 'कल' को बेहतर बना रहे होते हैं। याद रखिये, आपकी लड़ाई किसी और से नहीं, खुद के पुराने वर्जन से है। आज खुद को हराओ, ताकि कल दुनिया को जीत सको......Bablesh kumar verma✍️
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बबलेश कुमार वर्मा ✍BLK
उदयपुर




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