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मार्च, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। India England ho raha hai.

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इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। New hindi poem India England ho raha ho हर चीज़ बदल गई है इंडिया में मम्मी से मोम, पापा डेड हो रहा है। इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। ज़माना औरतों का आया है। इंद्रा जी का क़ानून आज काम आया है। बर्तन धोए आदमी, झाड़ू लगाए आदमी, औरत घर का हसबैंड हो रहा है। इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। India England ho raha hai. आजकल फिल्में बनी दुनिया का दर्पण, कमाने के लिए लडकिया भी कर रही हैं सब अर्पण। लड़के लड़कियों में आपस में नैनों का एक्सिडेंट हो रहा है। इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। New Hindi Kavita बड़ने लगा है इंडिया में भ्रष्टाचार नेता जी पैसों का डालने लगे हैं अचार। स्मैक,अफ़ीम,हथियार की हो रही है तस्करी। नशे की घूम रही हैं नशीली चकरी। आतंकवाद और अंडरवर्ल्ड का डेवलपमेंट हो रहा है। इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। संस्कार की बातें लड़के अब सीखते नहीं। मां बाप का कहा मानते नहीं। अपने घर का हीरो हर स्टूडेंट हो रहा है। इंडिया इंग्लैंड हो रहा है। India England ho raha hai. New hindi kavita आजकल फिल्में बन रही हैं ऐसी ऐसी,...

मैं हार नहीं मानूँगा । haar nahi manunga

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मैं हार नहीं मानूँगा  परेशानियां बहुत है जिंदगी में क्या करें? तनाव रहता है हर वक्त क्या करे? समस्याओं से कैसे लड़े? Muje jeetna hai क्या आप भी जानना चाहते हो इन सवालों के जवाब तो यह Article आपके लिए ही है। साथियों दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं,जिसके जीवन में समस्याएं, कठिनाइयां नहीं आई हो। समस्याएं जीवन का वास्तविक सत्य है,जिनसे कोई नहीं बच सकता। समस्याएं व्यक्ति को परेशान तो बहुत करती हैं मगर मजबूत भी बनाती हैं। जिंदगी संघर्ष में सवरती है। मुसीबतों में ही हमारी छुपी हुई असीमित ऊर्जा,  जी हां ! असीमित ऊर्जा साहस और ताकत बनके बड़ी से बड़ी समस्या में भी मैदान में डटे रहने की हिम्मत देती हैं। इसलिए जब भी जिंदगी में ऐसा समय आए तो हमेशा याद रखो कि मुसीबत तुम्हारा इम्तहान लेने आती है कि तुम कितने मजबूत हो। जीवन में परेशानियों से कभी मत घबराओ क्योंकि - "समस्याओं में ही हमारी प्रतिभा निखरती है। बशर्ते कि आप अपने ऊपर नकारात्मकता को हावी ना होने दे। एक लेखक ने लिखा भी है कि "ईश्वर जिसे ज्यादा प्रेम करता है उसे कष्ठो से र...

ना रोटी ना रोजगार मांग रहा है - राजनीति पर कविता

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Na roti na rojgar.. राजनीति पर कविता अब ना कोई रोटी, ना कोई रोजगार मांग रहा है। दौर-ए-नफरत से परेशान हर शख्स, चैन से जीने का  अधिकार मांग रहा है। हालात जो भी थे पहले, आज से तो बेहतर थे। इतनी नफरत तो नहीं थी, गिले-शिकवे भी थे। सुरेश,सलीम,जोसेफ और मंजीत सभी खेला करते थे, मिलकर जिस दिन, हर बच्चा आज वो  हसीन इतवार मांग रहा है। अब ना कोई रोटी ना रोजगार........। Rajniti par kavita खिलता था हर रंग का फूल  बाग-ए-वतन में। एक ही रंग के फूल को पानी दे, ऐसा तो माली नहीं था चमन में। बड़ी रौनक थी,  महकता हुआ उपवन जो था, हर फूल आज वही  बाग-ए-बहार मांग रहा है। अब ना कोई रोटी... ना कोई रोजगार.....। Hindi poem on politics सियासत भी थी, बचकाने बोल भी थे। पड़ोसी को पड़ोसी से लड़ा दे, इतने तो बिगड़े बोल ना थे। न्याय और सुरक्षा का विश्वास लिए पीड़ित पुलिस तक आता था। बेबस बेचारा वर्दी तुझसे, डर नहीं आज वही ऐतबार मांग रहा है। अब ना कोई रोटी ना रोजगार.........

वक्त बदल रहा है,नारी - नई कविता

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वक्त बदल रहा है-नई कविता  नारी तुम गीत हो नारी तुम गीत हो, सृष्टि का संगीत हो। तुमने ही विधाता का मूर्त सार दिया। ममता,करुणा, दया,वात्सल्य, हर रूप में, प्रेम को विस्तार दिया। तुमने ही, सृष्टि क्रम नित बढ़ाया। सृष्टि को सुंदर से, सुंदरतम बनाया। पर यह क्या? पुरुष पिंजरे ने, कैद करने के लिए तुम्हें, क्या क्या घृणित खेल रचाया, सती के नाम पर, तुम्हें जलाया, कभी डायन बता खूब सताया। सदियों शिक्षा से वंचित रखा, तुम्हें अधिकार विहीन किया। संपति सा समझा, मोल तोल भी खूब किया। प्रसव पीड़ा सहकर जिसको जन्म दिया तुमने, उस पुरुष ने ही, सदियों शोषण तुम्हारा किया। यदि नहीं..., तो बताओ! किसने तुम्हें अबला कहा? किसने तुम्हें जीवित जलाया? किसने उम्रभर, विधवा जीवन जीने को मजबूर किया? किसने तुम्हें शिक्षा, संपति विहीन किया? कभी धर्म, कभी परम्परा के नाम, कभी रीति रिवाजों, प्रथाओं के नाम शोषण तुम्हारा खूब किया। सदियों संघर्षों के बाद काल ने करवट ली हुआ समस्याओ का समाधान मिट गए वो सब विधान। जब नया विधान आया। नारी शिक्षित हुई, सम्मानित हुई, दे...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

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8 मार्च-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस Woman's day टूटती बंदिशे,बढ़ता मनोबल। आज विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। यह प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक,राजनीतिक,धार्मिक व आर्थिक क्षेत्र में बल्कि यूं कहे कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समानता का अधिकार देने एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की प्रति वर्ष  एक थीम होती है इस बार की थीम है- मैं जनरेशन इक्वेलिटी: महिलाओं के अधिकारों को महसूस कर रही हूं। हमारे देश में सदियों से पुरुषवादी मानसिकता महिलाओं पर हावी रही है। धार्मिक और सामाजिक नियमों,रूढ़ियों व मान्यताओं ने महिला को एक दायरे तक सीमित कर दिया। मगर यह असमानता हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के अधिकांश देशों में रही है। विश्व महिला दिवस Happy woman's day कई देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार बाद में दिया गया है। महिलाओं को ड्राइविंग करने का अधिकार सऊदी अरब ने हाल ही दिया है जो पहले नहीं था। ऐसे कई उदहारण है जो महिलाओं की समानता के संघर्ष से संबंधित हैं। महिलाएं ...

गाली- साला इंसान,dog fight story

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गाली- साला इंसान,dog fight funny story एक कुत्ते और कुतिया में आपस में लड़ाई हो जाती हैं,और लड़ाई में कुतिया, कुत्ते को एक ऐसी गाली दे देती हैं,जिससे कुत्ते को अपनी भयंकर वाली तौहीन महसूस होती हैं। यहां उसी गाली का जिक्र किया है। पूरा पढ़े । मजेदार व्यंग्य हैं। उम्मीद है आपको पसंद आएगा। Dog Fight funny story  गाली-साला इंसान एक था वफादार कुत्ता और एक थी दिलदार कुतिया। पर आज जाने कैसे उजड़ गई उनकी दुनिया। जो नहीं होना था वही हो गया दोनों में किसी बात पर झगड़ा हो गया। सारा डॉगीस्थान चैन से सो रहा था। बस यही कुत्ता जोर जोर से रो रहा था। तभी सारे नगर के कुत्ते जागे। उठ कर रोते कुत्ते की ओर भागे। उसे चुप कराते कराते सारे थक गए। परेशान होकर यही चुप हो गए। तभी एक वृद्ध कुत्ता आया। रोते हुए कुत्ते को बड़े प्यार से समझाया। "क्यों भाई क्यों रो रहे हो, तुम्हारा चैन तो खो गया, अब हमारा चेन क्यों खो रहे हो।"  "आखिर तुम्हारी पत्नी ने ऐसा क्या कह दिया,  जो तुमने उसे बेवफा कह दिया।" तभी पीड़ित कुत्ते ने अपना मुंह खोला, और बोला। "श्रीम...

इस क़दर पर्ल्स ने बदनाम किया है। PACL

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इस क़दर पर्ल्स ने बदनाम किया है। एजेंट का दर्द इरादा तो नेक ही था फिर भी परेशान किया है हर शक्स बेईमान समझता हैं हमें इस क़दर पर्ल्स ने बदनाम किया है। मेहनत का पैसा था वो तो मांगेंगे ही ना गलती ग्राहक की हैं ना गुनाह हमने किया है। पर्ल्स कम्पनी करतूते काली कम्पनी की थी या सितम सरकार ने किया है यह जो भी हुआ इसने हमारा तो बुरा हाल किया है। कल दी थी मुझे एक ग्राहक ने धमकी आज फिर दूसरे ने जलील किया है। मै खुद तो मुसीबत में फसा ही हूं घर वालो का भी जीना मुश्किल किया है। कब हल होगी यह मुश्किल मै नहीं जानता आत्मा यही कहती हैं कि क्यो मैने यह काम किया है। हर शक्स बेईमान समझता है। इस क़दर पर्ल्स ने किया है। बबलेश कुमार

उंगलियां हजार उठने लगी है, सच बोलने पर - शायरी

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उंगलियां हजार उठने लगी है सच बोलने पर - शायरी उंगलियां हजार उठने लगी है, सच बोलने पर। यक़ीन बहुत करने लगे हैं लोग अब झूठ पर। दोस्त भी दूर हो गए मेरे जब देखा सच बोलकर। वो दिल दुश्मनों का भी जीत रहा है, झूठ बोलकर। सच सिसक रहा है - शायरी सच सिसक रहा है,रो रहा है। करे क्या? ऐतबार जो हो गया है, लोगों को झूठ पर। खुशी से आबाद था मैं कल तक कुछ ना बोलकर। दुश्मन दरवाजे पे खड़ा कर लिया आज सच बोलकर। मांग ली माफी मैने अपनी हर एक खता पर। वो बच निकला हर बार एक और झूठ बोलकर। रौनक-ए-महफ़िल-शायरी  रौनक-ए-महफ़िल गज़ब की सजती है उसकी, कसम से खूब फेकता है, दिल खोलकर। किस किसका ईमान बिक रहा है, आओ हम भी देखे! बड़ी भीड़ लगी है, झूठ की दूकान पर। बख्शीशे बहुत सी ठुकरा दी मैंने, सच बोलकर। उसे शोहरत सम्मान ही नहीं, सत्ता भी मिल गई झूठ बोलकर। अब वो आदमी तो नहीं, कोई फरिश्ता ही होगा। जो सच बोलेगा यहां अपनी जान पे खेलकर। ©bableshkumar