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किसानों के खाते में सरकार ने डाले 2000 रू । PM Kisan Samman Nidhi Yojna

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PM Kisan Samman Nidhi Yojna पीएम किसान सम्मान निधि योजना। Pm-Kisan Samman Scheme किसानों के खातों में केंद्र सरकार ने डाली ₹2000 की पांचवी किस्त। केंद्र सरकार ने हाल ही अप्रेल माह में किसानों के खातों में 2000 रुपए की राशि जमा की है। इस राशि की जानकारी को आप किसान सम्मान निधि योजना की ऑफिसियल वेबसाइट pmkisan.gov.in/ पर आसानी से देख सकते हैं या आप सीधे इस पेज में नीचे दिए गए लिंक से देख सकते हैं। यहां आपको पूरी जानकारी दिखाई देगी जैसे अभी तक आपके बैंक खाते में कुल कितनी बार 2000 - 2000  रुपए की सहायता राशि जमा हुई है और कितनी तारीख़ को हुई है। इसके साथ आप इस लिस्ट में अपने गांव के उन लोगों के नाम भी देख सकते हैं जिन्हें यह 2000 रुपए की सहायता राशि मिली है । पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है? What Is Pm Kisan Samman Nidhi Scheme? केंद्र सरकार द्वारा संपूर्ण देश के लघु एवं सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर 2018 को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया गया था। केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य कृषि उपकरणों,खाद,...

सरकार ने गरीबों के खातों में रू डाले। Covid 19 ex-gratia Payment

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राजस्थान सरकार ने गरीबों के खातों में 1000 और 2500 रू डाले। कोरोना महामारी के चलते सारे देश में लोक डाउन लगा हुआ है। ऐसे में सभी तरह के कामकाज ठप हो जाने से गरीब आम लोगों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए गहलोत सरकार ने अपने राज्य के बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अंतोदय योजना,रजिस्टर्ड मजदूर आदि श्रेणियों के अन्तर्गत आने वाले पात्र लोगों के खातों में 1000 रुपए व 1500 रुपए  डालने की घोषणा की थी। Covid 19 Help Covid 19 ex-gratia Payment गरीबों के बैंक खातों में सरकार ने जमा की सहायता राशि गहलोत सरकार ने इसके लिए Covid 19 हेल्प के लिए 310 करोड़ रुपए का बजट पारित किया और अपने द्वारा किए गए वादे को निभाते हुए। पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर कर दिए गए हैं। जिनके पास कोई बैंक खाता नहीं है उनको नकद राशि प्रदान करने की व्यवस्था जिला कलेक्टर के माध्यम से करवाई जाएगी। जयपुर जिला कलेक्टर को 1 करोड़ व संभागीय स्तर के कलेक्टर को 75  75 लाख रुपए एवं अन्य सभी जिला कलेक्टर को 50  50 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। ...

जय भीम भजन। Jai bhim Geet । Ambedkar Jaynti Geet

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जय भीम भजन। Jai bhim Geet । Ambedkar Jaynti Geet Ambedkar Jaynti बाबा तेरे चरणों में प्रणवत बारंबार, हम पर किया बड़ा उपकार Ambedkar Jaynti दोस्तों, आज पूरी दुनिया में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का 129वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। बाबा साहेब को याद करने,उन्हें नमन करने हेतु मेरी ओर से New Ambedkar Bhajan के माध्यम से एक छोटी सी कोशिश की गई हैं। भारत रत्न डॉ अम्बेडकर जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक भजन की तर्ज पर जय भीम भजन लिखने की कोशिश की है। आशा है आपका प्यार और आशीर्वाद मिलेगा। एक बार अवश्य पढ़े 🙏जय भीम🙏 ___________ भजन 👇 बाबा तेरे चरणों में प्रणवत बारंबार, हम पर किया बड़ा उपकार हम पर किया बड़ा उपकार। भीम ने जो कष्ट उठाया, वह ऋण कभी न जाए चुकाया। अज्ञान अंधकार मिटाया, समता और ज्ञान का दीप जलाया। मान दिलाया, सम्मान दिलाया, दिलाए रे अधिकार.. हम पर किया बड़ा उपकार, हम पर किया बड़ा उपकार। मनुवाद ने सदियों सताया, तुमने मनुस्मृति को जलाया। पानी पीने का हक दिलाया, तुमने ही मंदिर प्रवेश कराया। जो तुमने कर दिखलाया। कर ना पाया करतार.. हम पर किया बड...

कोरोना : नव पुनर्जागरण की पुकार ! Corona Crisis

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कोरोना : नव पुनर्जागरण की पुकार ! Corona Crisis Corona Virus जरूर पढ़े 👇✍️ 1347 में फैली ब्लेक डेथ महामारी ने पूरी दुनिया में भयंकर तबाई मचाई थी उस समय सम्राटों पर भी पॉप का हुक्म चलता था। धर्मिक मान्यता ऐसी थी कि चर्च का पॉप परमात्मा से सीधा संवाद कर सकता हैं। और हर बीमारी या समस्या से बचा सकता हैं,मगर ब्लेक डेथ ने लोगो की आंखे खोल दी। Black Death पूजा पाठ,कर्मकांड,दुआ,प्रार्थना कुछ काम नही आई। पादरी चर्च छोड़कर भाग गए, चारों और लाशे सड़ती रही कोई बचाने नहीं आया। तब इंसान ने अपनी बुद्धि का तार्किक ढंग से प्रयोग करना शुरू किया, हर धार्मिक प्राचीन मान्यताओ पर सवाल खड़े किए। अंधविश्वासो का पहली बार भारी संख्या में इंसान ने खुलकर विरोध किया। स्वर्ग नर्क और चमत्कार की धारणाओं को लोगों ने त्याग दिया, लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हुआ चर्च की सत्ता धीरे-धीरे कम होने लगी।बहुत सारी प्राचीन मान्यताएं ख़तम हो गई। इसे ही इतिहास में यूरोप का पुनर्जागरण काल कहा जाता हैं।🤔🙏🏻 ब्लैक डेथ के बारे में यहां पढ़े ब्लैक डेथ महामारी लगभग 4 वर्ष तक(1347 से ...

कोरोना शायरी। Korona Shayari । New Hindi Shayari

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कोरोना शायरी। Korona Shayari । New Hindi Shayari Hi, friend's अभी पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जारी है। पूरी दुनिया अपने अपने घरों में सिमट कर रह गई है। आशा है आप अपने घर पर सुरक्षित होंगे। ऐसे माहौल में हम आपके लिए कोरोना पर New Hindi Shayari लेकर आए हैं। I hope आपको पसंद आएगी So lat's read  My Corona shayari Corona shayari बहुत बर्बाद किया   तुम्हें प्रकृति,  हमें अपने किए पे खेद है। नतीज़ा आज ये हुआ कि पशु ,पक्षी सब आजाद है और इंसान पिंजरे में कैद है। 🤔BLK✍ कोरोना शायरी। Korona Shayari । New Hindi Shayari _________________________ _________________________ दुनिया में  कोरोना के कहर ने, क्या से क्या हालात बना डाला। सूनी हुई सड़कें,  बंद हुए दरवाजे बड़े-बड़े शहरों को, देहात बना डाला। अपने ही घर में कैद हुआ आदमी। आशियाने को हवालात बना डाला। बड़ी चहल पहल थी रौनक-ए- महफ़िल में, अच्छे खासे दिनों को  दर्द भरी रात बना डाला। दुनियां में कोरोना के कहर ने क्या से क्या हालात बना ड...

कोरोना पर ग़ज़ल। Korona gajal

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Corona gajal  Corona gajal  एक गम तो ये है कि कोरोना से डरे हुए हैं लोग। दूसरा यह है कि अपने ही घर में फंसे हुए हैं लोग। जो दिन तो क्या रात को भी नहीं टिकते थे ठीक से घर पर वो दिन रात अब अपने घर में  ही जमे हुए हैं लोग। हालात कभी ऐसे भी होंगे सोचा नहीं था। अपने ही घर के लोगों से एक मीटर दूर खड़े हुए हैं लोग। प्रकृति ने तमाचा मारा है  मनुष्य के गाल पर क्यों बर्बाद करने में हद से ज्यादा पीछे पड़े हुए हैं लोग। हर इंसान की इच्छा है कि हम आजाद रहे फिर क्यों पंछियों को पिंजरे में जकड़े हुए हैं लोग। Corona shayari  मासूम जीवों को मारकर खाने वालों, अब तो दर्द समझो। यह तुम्हारे ही भाई हैं,अस्पतालों में जो लेटे हुए हैं लोग। भयंकर विनाश किया प्रकृति का मानव की भूख ने, आज अपने ही बिछाए बारूद पर खड़े हुए हैं लोग। जाति का जहर घोलकर सदियों शोषण करने वालों, देखो! कैसे आज अपने ही घर में अछूत बने हुए हैं लोग। अब ऐसा नहीं कि  जो करेगा वही भरेगा, एक की गलती सब भुकतेंगे। क्योंकि मानो या ना मानो...

अबकी बार कोरोना की मार। नई कविता

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Abki baar corona ki maar, new kavita   अबकी बार पड़ी है प्रकृति की मार। कोरोना ने मचा दी  दुनिया में हाहाकार। मस्जिदों पर ताले पड़े  बंद हुए मंदिरों के द्वार। सूनी हुई सड़कें, वीरान हुए बाज़ार। बस अपने घर तक ही  सिमट गया सबका संसार। Corona kavita  खूब लूटा प्रकृति को  विकास के नाम पर, हालात आज ये है कि  घरों में कैद है सब, कोई नहीं जा रहा काम पर। पंछियों को पिंजरे में कैद किया  पशुओं पर भी किया जुल्म अपार। बेजुबा मासूमों को  मार के खा गए। नहीं ली तुमने कभी  पश्चाताप की डकार। Coronavirus, corona poem  अबकी बार पड़ी है प्रकृति की मार, कोरोना ने मचा दी  दुनिया में हाहाकार। विकास के नाम पर, पहाड़ काट डाले, नदियां दूषित कर डाली। धरती की छाती  छलनी कर डाली। जंगल के जंगल काट डाले। पंछियों के पर काट डाले। अमीर रोज अमीर बनता गया, नहीं मिटे कभी गरीब के पैर के छाले। सच को सूली पर चढ़ाते रहे,  लगाकर झूठ का दरबार। अबकी बार पड़ी...