संदेश

जनवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आओ बच्चो 26 जनवरी मनाए

चित्र
आओ बच्चो हम 26 जनवरी मनाए सब मिलकर गीत गणतंत्र के गाए। दशो दिशाओं में गूंजे राष्ट्रगान हमारा, घर घर तिरंगा लहराए। आओ बच्चो हम 26 जन.मनाए। 26जन1950से लागू संविधान हमारा इसी दिन से हम गणतंत्र कहलाए। शांति-प्रेम का प्रतीक बने देश हमारा, बच्चा बच्चा वंदे मातरम् गाए। आओ बच्चो हम 26 जन.मनाए। देश का मान बढ़े,सम्मान बढ़े, जीवन में कर्म ऐसे कर जाए। बात बताई जो संविधान में, उसी प्रेम भाईचारे को हम अपनाए। आओ बच्चो हम 26 जन.मनाए। भारत मां के सच्चे बेटे बनकर सबको समरसता का पाठ पढ़ाए। जाति धर्म के भेद मिटाकर हम सबको गले लगाए। आओ बच्चो हम 26जन.मनाए। जय हिन्द..वंदे मातरम् बबलेश कुमार✍🙏🏻

परीक्षा शायरी...exam shayari

चित्र
कुछ दिन के लिए सब छोड़ दें पूरा ध्यान पढ़ाई की ओर मोड़ दे इस क़दर कर परीक्षा तैयारी कि सबके रिकॉर्ड तोड़ दे।...BLK __________________________ आज से एक,नई शुरुआत कर बेवजह यू वक्त बर्बाद ना कर। देना है जिस प्रश्न का जवाब कल उत्तर उसका आज याद कर।..BLK ___________________________ होश से हम चलते नहीं ठोकर लगे तो पत्थर को दोष देते है। मेहनत मन से पूरी हम करते नहीं असफल होते है तो मुकद्दर को दोष देते हैं।..BLK Bablesh Kumar / BLK

जिंदगी

चित्र
कभी सवर जाती हैं कभी बिखर  जाती हैं। कभी धुंधली होती हैं बहुत तो कभी निखर जाती हैं। कुछ यादें बनती हैं हसीन कुछ दर्द भरी रह जाती हैं। कुछ उम्रभर साथ चलती है कुछ बहुत पीछे  छूट जाती है। यह जिंदगी है जिंदगी , आहिस्ता आहिस्ता गुजर जाती हैं। zindagi kavita सुख दुख की कश्मकश में  भागती है बहुत तेज़ फिर भी वक्त से  पीछे रह जाती हैं। यह वो कहानी है जिसका पूर्व निर्धारित कोई अंत नहीं। जी भर के जी लो फिर भी ख्वाहिश अधूरी रह जाती हैं। इंसान चले जाते है बस यादें रह जाती है यह जिंदगी है जिंदगी  आहिस्ता आहिस्ता गुजर जाती हैं। जिंदगी सांस हैं, जो सबसे खास है। प्रतिपल जीने की आस है। कभी संघर्ष में संवरती है कभी सफलता में  और निखरती है। बचपन में मचलती है जवानी में धधकती है तो बुढ़ापे में सिसकती है। गिरती है,उठती है, कई बार फिसलती हैं। यह जिंदगी हैं जिंदगी आहिस्ता आहिस्ता गुजर जाती हैं। जिंदगी है जिंदादिली फिर खुद को  साबित करने में  झूट जाती हैं। यह किसी कलाई की चूड़ी नहीं जो  एक बार चटकने से टूट जाती ...

खुशियां ढूंढने चले थे...BLK

चित्र
खुशियां ढूंढने चले थे मुसीबतों से मुलाकात हो गई। मेरा ही घर छूटा सारे शहर में बरसात हो गई। कल तक तो छोटी ही थी मेरे सामने खड़ी है अब उम्र के साथ में ही बड़ा नहीं हुआ मेरी मुसीबतें भी बड़ी हो गई।

शक्स जिंदा है वहीं

चित्र
हजारों मिलती हैं एक जगह, तब यह मंज़र बनता हैं। एक अकेली नदी से कभी  समन्दर नही बनता। गिरकर भी हौसला उठने का  रखना दोस्त, क्योंकि एक हार से कोई फकीर  और एक जीत से कोई  सिकंदर नहीं बनता।✍BLK ©bableshkumar ------------------------------------- शक्स जिंदा हैं वहीं   जमीर जिसका मरा सच के साथ होगा खड़ा वहीं जो झूठ से डरा नहीं...BLK _____________&_________ दौर जो भी हों, हम हर दौर में बोलेंगे। वो अगर बेहरा है तो, हम ज़ोर से बोलेंगे। बेशक! तुम दबा दोगे आवाज हमारी तो क्या, दबी आवाज़ में भी हम, बड़े शोर से बोलेंगे। तुम छिनलो चाए मंच हमारा आज यहां नहीं बोल सके तो क्या, कल यही बात हम कहीं ओर से बोलेंगे ।

खता -ए- मोहब्बत

चित्र
वफ़ा हम आज भी इस क़दर निभा रहे हैं। तुम्हारी यादों का बोझ, दिल से उठा रहे हैं। खता-ए-मोहब्बत, मिलकर की थी दोनों ने। मगर दर्द हम अकेले उठा रहे हैं।...BLK __________&___________ गुज़रे जिसके साए में  जिंदगी सारी। ऐसी सोहबत डूंढ़ रहा हूं। मेरी नादानी तो देखो , दौर -ए-नफ़रत में मोहब्बत डूंढ़ रहा हूं।

तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया

चित्र
तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया ख्यालों में आ के सताया मुझे उसने मैं हकीकत में आज बेकरार हो गया। तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया तलब तेरी एक अरसे से थी मुझे ओर बड़ गई बेताबी,जो तेरा दीदार हो गया। तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया मैं सलामत ना रहा, शिकार हो गया तबीयत जो कलतक तो  अच्छी थी मेरी, हाल पूछा जो उसने आज मैं बीमार हो गया। बाग़-ए-वीरान था मैं जाने कबसे, छुआ जो उसने आज मैं गुल-ए-गुलजार हो गया तेरी नज़र का तीर ऐसे पार हो गया मैं सलामत ना रहा,शिकार हो गया। बबलेश कुमार उदयपुर मेरी दूसरी गज़ल - उम्मीद है पसंद आएगी आपको🙏🙏

तुम ही तुम - शायरी

चित्र
नई  शायरी ख्याल से कभी निकला नहीं जो, वो ख़्वाब हो तुम। दिल से निकले हर सवाल का जवाब हो तुम। कितनी बार बताऊं मेरे लिए कितने लाज़वाब हो तुम। ताउम्र जिसे दिल से पढ़ता रहू, वो रंगीन किताब हो तुम। New shayari 2020 _________________________ काश! कि मेरी दुआ में इतना असर आ जाए। आंख खोलू और सामने तू नज़र आ जाए।। _______________________ नई शायरी तुमने ने नहीं तो तुम्हारे झूठे वादों ने मारा है। हमें हादसों ने नहीं तुम्हारी यादों ने मारा है। _________________________ दोस्त भी दूर हो गए मेरे जब देखा सच बोलकर वो दिल दुश्मनों का भी जीत रहा है झूठ बोलकर। मांग ली माफी मैने अपनी हर एक  गलती पर वो बच निकला हर बार एक और झूठ बोलकर। _________________________ हसरतें हजार टूटी मगर जीने की आस नहीं। सपना ही तो टूटा है सांस नहीं।। _________________________ वफ़ा! हम आज भी इस क़दर निभा रहे हैं।📝🤔 तुम्हारी यादों का बोझ, दिल से उठा रहे हैं।💝BLK😊

दुःखी है देश का किसान । New Geet । Kisan

चित्र
Hello दोस्तो, आज हम आपके लिए किसान की व्यथा और उसकी  पीड़ा पर एक नई कविता  लेकर आए हैं। कविता का शीर्षक है- दुखी हैं देश का किसान दुःखी है देश का किसान । New Geet । Kisan सूरज से पहले उठता दिन भर मेहनत करता फिर भी सुखी नही प्राण दुखी हैं देश का किसान दुःखी है देश का किसान। किसान पसीना चोटी से एडी तक आए फिर भी इसको आराम ना भाए। दिन रात लगा रहता, दीवाली हो या रमजान। दुःखी है देश का किसान-2 New Hindi Kavita Kisaan अन्न उगाए,सबको खिलाए मेहनत का मोल इसे ना मिल पाए। दाम फसल का मिले ज्यो, ऊंट के मुंह में जीरा समान दुःखी है देश का किसान-2 यह भी पढ़े👉 दिल ए आरजू - गजल सूखा पड़े जब बीज भी उगने को तरसे कभी पकी फसल पर बादल बरसे। इसकी पीड़ा की पुकार ना सरकार सुने ना भगवान। दुःखी है देश का किसान दुःखी है देश का किसान। यह भी पढ़े 👉 इंडिया इंग्लैंड हो रहा है - कविता __________________________________&______________ Desh Ka Kisaan किसान का जीवन बहुत ही संघर्ष और परेशानियों से भरा होता है। किसान हमारे लिए अन्न पैदा करता है,सब्जिय...

दिल-ए-आरज़ू । नई गज़ल । New Gajal

चित्र
दिल-ए-आरज़ू New Gajal Hello दोस्तो, क्या आप कविता,गीत,गजल, शायरी पढ़ने के शौकीन हो, यदि हां, तो आप सही ब्लॉग पर हो। हमारे इस हिंदी ब्लॉग पर आपको हमेशा New Hindi Kavita, Shayari,Geet, Gajal आदि पढ़ने को मिलती रहेगी। इस ब्लॉग में आज हम आपके लिए  एक नई ग़ज़ल  दिल-ए-आरज़ू लेकर आए हैं। उम्मीद है आपको पसंद आएगी। New Gajal  दिल-ए-आरज़ू जो भी है, छुपाया ना करो। दिल के मामले में यूं दिमाग लगाया ना करो। फुर्सत नहीं या याद आती नहीं बहाने रोज़ यूं बनाया ना करो गजल मसला यह है कि तुम तो याद करते नहीं हमें भी रोज़ यूं याद आया ना करो चेन से सोने दो हमें भी रातभर ख्यालों में रोज़ यूं आया ना करो यह भी पढ़े 👉 प्रेममय हो धरा हमारी ही गली से गुजरते हो क्यूं रोज़ बेचैन दिल को अब यूं धड़काया ना करो दोस्ती है या है मोहब्बत,उलझन तो है राज़ जो भी हो दिल में यूं दबाया ना करो गजल क्या है? दिल के दरिया में एक उफान सा आता है कातिल अदा से रूबरू यूं मुस्कुराया ना करो जब भी मिलो सिद्दत से गले लगाओ मकबूल अदब से हाथ अब यूं मिलाया ना करो। यह भी पढ़...

प्रेममय हो धरा। New Hindi Kavita । Dharti Kavita

चित्र
प्रेममय हो धरा। New Hindi Kavita । Dharti Kavita दोस्तों अगर आप New Poem,Geet,Gajal,New Shayari पढ़ने के शौकीन है तो हम आपके इस शौक को पूरा करने की दिल से कोशिश करेंगे। हम इस ब्लॉग पर नई कविता,नई शायरी,गीत, ग़ज़ल और नॉलेज से संबंधित आर्टिकल्स लिखते रहते हैं। Kavita, shayari,Gajal, हमारा जितना ज्यादा मनोरंजन करती है उतनी ही ज्यादा ज्ञानवर्धक भी होती है। जीवन की कई सारी उलझी हुई बातों को इंसान कविता शायरी ग़ज़ल के माध्यम से अच्छे से बोल सकता है। यही वजह है कि लेखक कविता शायरी के माध्यम से जो लिखते हैं। जब हम उनको पढ़ते हैं तो ऐसा लगता है जैसे यह सब हमारे साथ हुआ है या ये हमारी जिंदगी के बारे में ही लिखा गया है। इसीलिए हम उस Kavita से Shayari से हमारे जीवन को, अपने आप को जोड़ कर देखने लगते हैं। कविता गीत गजल शायरी आदि के माध्यम से खुशी,दर्द,प्यार,इच्छा,कामना, तन्हाई,बेवफाई,त्याग,समर्पण, कश्मकश आदि सभी भावनाओ को अच्छे से बयां किया जा सकता है। इसलिए हर इंसान इनमें से किसी ना किसी से अपने जीवन में जुड़ा हुआ जरूर रहता है। तो चलिए दोस्तों आज हम आपके लिए धरती पर एक नई कविता ...